एनसीएल ने एआरएआई के सहयोग से प्रयुक्त लिथियम-आयन बैटरी सामग्रियों के पुनः उपयोग (reuse) का अध्ययन किया, जिसका उद्देश्य उन्हें द्वितीय-जीवन (second-life) ऊर्जा भंडारण अनुप्रयोगों में विशेष रूप से प्रत्यक्ष पुनःउपयोग (direct repurposing) पर ध्यान केंद्रित करते हुएउपयोग करना था । पारंपरिक ऊर्जा-गहन रासायनिक पुनर्चक्रण विधियों पर निर्भर रहने के बजाय, त्यागी गई बैटरियों से सामग्रियों को सीधे पुनर्प्राप्त (recover) किया गया और न्यूनतम प्रसंस्करण (processing) के साथ उपयोग किया गया। इसके बाद इन सामग्रियों को अनुकूलित अनुपात में नई (virgin) सामग्रियों के साथ मिलाकर लिथियम-आयन कॉइन सेल तैयार किए गए, जिनका इलेक्ट्रोकेमिकल तकनीकों द्वारा विस्तृत मूल्यांकन किया गया। यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि प्रत्यक्ष पुनःउपयोग ऊर्जा खपत, प्रसंस्करण जटिलता और पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकता है। साथ ही यह भी आकलन किया गया कि क्या पुनर्चक्रित सामग्रियाँ कम लागत पर तुलनीय प्रदर्शन प्रदान कर सकती हैं।
