कार्यकलाप एवं सेवाऍं
एन.सी.एल. के कार्यकलापों को निम्नलिखित श्रेणियों में विभक्त किया जा सकता है
- कार्यकलाप के क्षेत्र
- अन्वेषणात्मंक अनुसंधान तथा विज्ञान
- अनुप्रयुक्त अनुसंधान तथा प्रौद्योगिकी
- परामर्शी एवं वैज्ञानिक सेवाऍं
- राष्ट्रीय संसाधन केन्द्रों का निर्माण एवं अनुरक्षण
- शिक्षा, प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार तथा लोकप्रिय बनाना
- वैज्ञानिक कार्यों में योगदान
कार्यकलाप के क्षेत्र
| उत्प्रेरण | बहुलक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी |
| विजातीय | बहुलक रसायन विज्ञान |
| सजातीय | बहुलक भौतिक विज्ञान |
| सम्मिश्र तरल पदार्थ एवं बहुलक अभियांत्रिकी | |
| बहुलक एवं पदार्थ प्रारूपण | |
| झिल्ली विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी | |
| जीवरसायन विज्ञान | भौतिक एवं पदार्थ रसायन विज्ञान |
| औद्योगिक सूक्ष्म जीव रसायन विज्ञान | नैनो पदार्थ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी |
| पादप आणविक जीवविज्ञान | पदार्थ रसायन विज्ञान |
| पादप ऊतक संवर्धन | सिद्धान्त एवं अभिकलनी विज्ञान |
| कार्बनिक रसायन विज्ञान | |
| किराल संशलेषण | अभिक्रिया अभियांत्रिकी |
| नई संश्लेषणात्मक विधियॉं | बहुलक एवं पदार्थ प्रारूपण |
| सक्रिय औषधीय मध्यकों हेतु प्रक्रिया रसायन विज्ञान | जैवरासायनिक अभियांत्रिकी |
| जटिल कार्बनिक अणुओं का बहुचरणीय कार्बनिक संश्लेषण | औद्योगिक प्रवाह प्रतिरूपण |
| जैवकार्बनिक एवं जैव-अनुहारी रसायन विज्ञान | प्रक्रिया डिजायन एवं सूक्ष्म रसायनों तथा बहुलकों हेतु प्रक्रियाओं का विकास |
| आणविक विविधता आधारित रासायनिक आनुवंशिकी |
अन्वेषणात्मंक अनुसंधान तथा विज्ञान
- इसके अन्तर्गत प्रथमत: सिद्धान्तों को खोजने तथा समझ को समुन्नत बनाने सम्बन्धी विषय पर अन्वेषण कार्य किया जाता है । यह प्राय: अनुप्रयुक्त अनुसंधान के लिए आवश्यक प्रारंभिक चरण है । यह कार्य हमारे वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में पीएच.डी. डिग्री के लिए अध्यनरत शोधछात्रों द्वारा अधिकांश रूप से किया जाता है ।
- इस कार्य के लिए धन प्राय: राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय सरकारी एजेंसियों से प्राप्त होता है । कभी-कभी दीर्घावधि योजना के अन्तर्गत उद्योग जगत द्वारा भी धन प्रदान किया जाता है ।
- इस कार्य का प्रतिफल प्राय: अनुसंधान प्रकाशनों और छात्रों के शोध-निबन्धों के रूप में प्राप्त होता है ।
- इस प्रतिफल के परिणामस्वरूप रसायनों, पदार्थों, जीवों, प्रक्रियाओं और तकनीकों की समझ बेहतर होती है जिसका प्रयोग अनुप्रयुक्त अनुसंधान में किया जा सकता है । इससे योग्यता और प्रवीणता विकसित होती है, अनुसंधानकर्ताओं को प्रेरणा मिलती है तथा विज्ञान का उन्नयन और विकास होता है । इसका प्रभाव सीधे तौर पर प्रत्यक्ष होता है और इस कार्यकलाप के लाभ कुछ समय बाद दिखाई पड़ते हैं ।
अनुप्रयुक्त अनुसंधान तथा प्रौद्योगिकी
- इसके अन्तर्गत प्रथमत: किसी प्रक्रिया, पदार्थ अथवा उत्पाद के विकास की दिशा में अनुसंधान एवं विकास किया जाता है जिससे कि उद्योगों को तथा कुल मिलाकर लोगों को उसका लाभ मिल सके। उक्तत अनुसंधान एवं विकास कार्य कई बार बाजारोन्मुख्यी होता है जिसे प्रयोगशाला का स्टाफ परियोजना सहायक तथा कभी-कभी शोधछात्र भी निष्पादित करते हैं ।
- प्रयोगशाला की अनुसंधान गतिविधियॉं अधिकांशत: उद्योग से प्राप्त धन एवं परियोजना हेतु राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय सरकारी एजेन्सियों से प्राप्त धन से चलायी जाती हैं ।
- पेटेण्टों , पेटेण्ट नहीं की गई स्वामित्ववाली प्रौद्योगिकी (तथा अभियांत्रिकी पैकेज), ग्राहकों को दी जाने वाली गोपनीय रिपोर्ट तथा विशेष सॉफ्टवेयर के रूप में प्रयोगशाला का कार्य निष्पादित होता है ।
- प्रयोगशाला के अनुसंधान कार्य में प्रक्रियाऍं, पदार्थ एवं उत्पाद शामिल हैं जिनसे धनार्जन किया जा सकता है । अनुसंधान कार्य में सुधार, वैकल्पिक किफायती मार्गों को अपनाने तथा अन्वेषण का सीधा प्रभाव छोटी कम्पनियों पर पड़ता है ।
परामर्शी एवं वैज्ञानिक सेवाऍं
- इसके अन्तर्गत हमारे वैज्ञानिकों एवं प्रौद्योगिकीविदों द्वारा परामर्शी सेवा, प्रक्रिया अभियांत्रिकी को प्रयोग में लाना , रिपोर्टे तैयार करना (व्यावहारिकता, प्रौद्योगिकी मूल्यांकन, नीति हेतु विश्लेषण आदि), विश्लेषणात्मक सेवाऍं एवं सूचना के मॉनीटर का समावेश है । इसके अलावा विशेष ज्ञान, अनुभव एवं कौशल का अनुप्रयोग, तथा हमारे ग्राहकों के लाभ के लिए विशेष सुविधाओं का प्रयोग किया जाता है । ज्ञान का अनुप्रयोग सीधे स्टाफ द्वारा किया जाता है ।
- अनुसंधान गतिविधियों हेतु अधिकांशत: उद्योग जगत से धन प्राप्त होता है ।
- उक्त सेवाओं का निष्पादन रिपोर्टों (कभी-कभी ऑनलाइन रिपोर्टें) के रूप में होता है ।
- परामर्शी एवं वैज्ञानिक सेवाओं के अन्ततर्गत हमारे ग्राहकों के लिए समस्याओं का समाधान, प्रक्रियाओं, पदार्थों एवं उत्पादों में सुधार, निवेश पर सावधानीपूर्वक निर्णय तथा अद्यतन सूचना पर आधारित अनुसंधान एवं विकास नीति और उत्कृष्टओ विश्लेषणात्मक सहायता प्रदान की जाती है । इन सेवाओं के अन्तर्गत मिलने वाले लाभ कई बार ग्राहकों को सीधे एवं तत्काल मिलते हैं ।
राष्ट्रीय संसाधन केन्द्र
- एनसीएल में विशेषज्ञों का विशिष्ट समूह है, उपकरण सुविधाऍं हैं, पुस्तकालय जीव संग्रहण आदि सहित सूचना संसाधन उपलब्ध हैं । रसायन एवं सम्बन्ध विज्ञान की विधाओं हेतु हम राष्ट्रीय संसाधन केन्द्र के रूप में कार्य करते हैं ।
- इनमें से कई संसाधन केन्द्र हमारे वैज्ञानिकों एवं वरिष्ठ प्रबन्धकों के कठिन परिश्रमों का परिणाम है । उद्योग जगत से प्राप्त आय तथा सरकारी अनुदान की सहायता से उक्त संसाधन केन्द्रों की स्थापना की गई ।
- इन संसाधन केन्द्रों के कारण ही एनसीएल एवं एनसीएल के बाहर की कम्पनियों का अनुसंधान तथा उससे सम्बन्ध कार्य निष्पादित होता है । ये संसाधन केन्द्र अनुसंधान की जीवन-रेखा हैं तथा अनुसंधान के कार्यक्षेत्र एवं उसकी गुणवत्ता पर इनका गहरा प्रभाव पड़ता है ।
शिक्षा, प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार एवं लोकप्रियता
- भारत में एनसीएल प्रतिवर्ष रसायनविज्ञान एवं सम्बध्द विधाओं में बहुत बड़ी संख्या में पीएच.डी. के छात्रों को मार्गदर्शन करती है । एनसीएल में पीएच.डी. के शोधछात्रों के अलावा अनेक एम.एस.सी, बी.टेक/बी.ई. छात्र भी अपने अन्तिम वर्ष की परियोजनाएँ पर शोधकार्य करते हैं। एनसीएल के कई वैज्ञानिक स्थानीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्यापन का कार्य करते हैं । एनसीएल उद्योग जगत के लिए विशिष्ट सतत शिक्षा के कार्यक्रम भी चलाती है । एनसीएल में अर्जित ज्ञान का व्यावसायिक पत्रिकाओं एवं सम्मेलनों के माध्यम से पूरे विश्व भर में प्रचार-प्रसार करने में हम गर्व का अनुभव करते हैं । वैज्ञानिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु एनसीएल में प्राय: सम्मेंलनों का आयोजन किया जाता है । हमारे स्टाफ के कुछ सदस्यों ने लोकप्रिय विज्ञान पर पुस्तकों की रचना भी की है और उनके लेख समाचारपत्रों तथा पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।
- पीएच.डी. के छात्रों को सीएसआईआर एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा शोधवृत्ति के रूप में सहायता प्रदान की जाती है । सतत शिक्षा कार्यक्रमों हेतु उद्योग जगत से धन प्राप्त होता है । हमारे द्वारा आयोजित सम्मेलनों के लिए विभिन्न वयवसायिक सोसायटियों, संगठनों एवं निगमों ने धन उपलब्ध कराया है । इसके अलावा लोकप्रिय पुस्तंकों एवं लेखों के लिए अनुदानों से एवं कभी-कभी आन्तरिक निधि सहित विविध स्रोतों से धन की व्यवस्था की जाती है ।
- इन अनुसंधान गतिविधियों के माध्यम से हम विशिष्ट वैज्ञानिक मानव संसाधन का सृजन, राष्ट्रीय वैज्ञानिक वातावरण/संस्कृति का निर्माण और इस ज्ञान का प्रचार-प्रसार करते हैं । इनका प्रभाव प्राय: धीरे-धीरे किन्तु सुव्यवस्थित रूप से होता है ।
वैज्ञानिक कार्यों में योगदान
- एनसीएल का वैज्ञानिक स्टाफ अपने प्रकाशनों, सम्मेलनों के आयोजन एवं उनमें सहभागी बनकर, अगली पीढ़ी को परामर्श देकर, अनेक राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं के संपादक के रूप में कार्य करते हुए, व्यांवसायिक सोसायटियों एवं एसोसिएशनों के कार्यकारी दल में तथा सरकारी वैज्ञानिक समितियों में शामिल होकर तथा संयुक्त राष्ट्र के कार्य निष्पादित करते हुए विज्ञान तथा वैज्ञानिक कार्यकलापों में अपना योगदान देता है ।
