COVID-19 महामारी के प्रकोप के बाद से व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE), मास्क, दस्ताने आदि जैसे एकल उपयोग वाले प्लास्टिक वस्तुओं की मांग में भारी वृद्धि देखी गई है। भारत भर में, मई 2021 में प्रतिदिन COVID-19 से संबंधित 200 टन से अधिक अपशिष्ट उत्पन्न होता था। केवल पुणे शहर में ही COVID-19 प्लास्टिक अपशिष्ट का लगभग 10-12 टन प्रतिदिन उत्पादन होता था, जिनमें से अधिकांश PPE सूट, ओवरऑल्स और गाउन से आता था। अब तक, इस खतरनाक PPE अपशिष्ट को केंद्रीय जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन (BMWM) सुविधाओं में दहन (इन्सिनरेशन) किया जाता रहा है। दहन ऊर्जा-सघन प्रक्रिया है और इससे हानिकारक ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन होता है। CSIR-NCL, RIL और अन्य कंपनियों ने COVID-19 प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रभावी पुनर्चक्रण के लिए एक संपूर्ण प्रक्रिया विकसित करने का मिशन शुरू किया है, जिसका उद्देश्य COVID-19 प्लास्टिक अपशिष्ट की पूर्ण शुद्धता सुनिश्चित करना, प्लास्टिक अपशिष्ट को नीचे की प्रक्रिया के लिए उपयुक्त रूप में परिवर्तित करना तथा पूरे आपूर्ति श्रृंखला के लिए मूल्य सृजन हेतु संभावित हितधारकों और बाज़ारों की पहचान करना है।
